मैं मजदूर हूं
मैं इस देश का निर्माता कहा जाता हूं
मैं इस देश का निर्माता कहा जाता हूं
मैं देश को अनाज उगाकर खिलाता हूं
मैं खुद तो झोपड़ियों में रहता हूं
मग़र हर किसी के महल मैं ही बनाता हूं
हां मैं मजदूर हूं
मुझे लाचार कहो या गरीब
मुझपर हंसो या मजाक उड़ाओ
मग़र जब भी देश मे सकंट आता है
मैं आगे खड़ा हो जाता हूं
हां मैं मजदूर हूं
मैं आया था शहर कुछ पैसे कमाने
मैं अपने बच्चों को पढ़ा लिखा सकूं
अब मैं चल पड़ा हूं पैदल घर की ओर
मैं अमीर नहीं 'चन्द्रभान' गरीब मजदूर हूं
मैं मजदूर हूं
मैं किसी पर निर्भर नहीं हूं
खुद मेहनत कर कमाता हूं
मुझे क्या खिलाएगीं ये हुकूमतें
मैं तो सदियों से आत्म निर्भर हूं
हां मैं मजदूर हूं
मैं हर किसी को बोट देता आया हूं
मैं रंक को भी राजा बनाता आया हूं
पर आज मैं किसी का अपना नहीं हूं
मेरी हालत पर अब मैं मजबूर हो चुका हूं
मेरी हालत पर अब मैं मजबूर हो चुका हूं
मैं मजदूर था और आज भी मजदूर हूं
हां मैं मजदूर हूं
- चन्द्रभान सिंह लोधी

शानदार👌
ReplyDeleteशुक्रिया भाई
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