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मैं मजदूर हूं

मैं मजदूर हूं

मैं इस देश का निर्माता कहा जाता हूं
मैं देश को अनाज उगाकर खिलाता हूं
मैं खुद तो झोपड़ियों में रहता हूं 
मग़र हर किसी के महल मैं ही बनाता हूं
हां मैं मजदूर हूं

मुझे लाचार कहो या गरीब
मुझपर हंसो या मजाक उड़ाओ
मग़र जब भी देश मे सकंट आता है
मैं आगे खड़ा हो जाता हूं
हां मैं मजदूर हूं

मैं आया था शहर कुछ पैसे कमाने
मैं अपने बच्चों को पढ़ा लिखा सकूं
अब मैं चल पड़ा हूं पैदल घर की ओर
 मैं अमीर नहीं 'चन्द्रभान' गरीब मजदूर हूं
 मैं मजदूर हूं

मैं किसी पर निर्भर नहीं हूं
खुद मेहनत कर कमाता हूं
मुझे क्या खिलाएगीं ये हुकूमतें
मैं तो सदियों से आत्म निर्भर हूं
हां मैं मजदूर हूं

मैं हर किसी को बोट देता आया हूं
मैं रंक को भी राजा बनाता आया हूं
पर आज मैं किसी का अपना नहीं हूं
मेरी हालत पर अब मैं मजबूर हो चुका हूं
मैं मजदूर था और आज भी मजदूर हूं
हां मैं मजदूर हूं

           - चन्द्रभान सिंह लोधी

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कोई बोल रहा है ?

चारों तरफ शोर शराबा है, राम नाम का नारा गूंज रहा है। मेरे गांव की बिजली गोल है, अब कोई नहीं बोल रहा है। चारों तरफ यात्राएं हो रही हैं, नेता जी के नारे लगाए जा रहे हैं। मेरे गांव में पानी का अकाल पड़ गया, अब न कोई आवाज उठा रहा है। चारों तरफ कन्याएं भोज हो रहीं, लोग धर्म समझकर लाभ उठा रहे हैं। मेरे गांव में किसानों की फसलें जल गईं, अब न कोई मुआवजा दिलवा रहा है। गायों पर खूब राजनीति हो रही है, हिन्दू-मुसलमान में लड़वा रहे हैं। भूख-प्यास से मवेशी रोज मर रहे हैं, अब ना कोई दल आगे आ रहा है। आज फलाने नेता जी से मुलाकात हुई, ऐसीं फेसबुक पर पोस्ट हो रहीं हैं, मेरे क्षेत्र में गरीबों की हजार समस्याएं हैं, अब इनकी मांग ना कोई कर रहा है। "चन्द्रभान" दर्द बहुत है लोगों का, मगर अब ना कोई लिख रहा है। मेरे गांव के समस्याओं से प्यासे मर रहे, अब ना कोई राहत का पानी पिला रहा है।                    - चन्द्रभान सिंह लोधी

वो मेरी मां है

वो मेरी मां है जब मैं भूखा रहता हूँ, वो अपने हाथों से खिलाती है। मैं रूठना भी चाहूं तो... वो हर हाल में मना लेती है। जब मैं नहीं सुनता उसकी बातें तो गाली देकर अपना काम करवा लेती है वो कोई औऱ नहीं मेरी मां है... जब पापा मुझे डांटते हैं तो... आँखे उसकी नम हो जाती हैं  जब पापा मुझे पैसे नहीं देते तो...  वो लड़कर पैसे दिलवा देती है। वो मुझसे नाराज कभी नहीं होती... बस शिकायतें हमेशा रहती हैं। वो कोई और नहीं मेरी मां है। ज्यादा बात तो नहीं कर पाता... मगर याद बहुत करता हूं। कुछ जानबूझकर बात नहीं करता, कुछ सोचकर बात नहीं करता... आँख से ना निकलें आंसू उसके, यही सोचकर मैं बात नहीं करता। मुझे पता रहता है कि...  फोन कटने पर रो देगी वो क्योंकि वो कोई और नहीं... मेरी प्यारी मां है...                    - चन्द्रभान_सिंह_लोधी मदर्स डे की हार्दिक शुभकामनाएं...💐💐💐

आखिर ये कैसा प्रदर्शन है?