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आखिर_सोशल_मीडिया_पर_इतनी_जल्दबाजी_क्यों_


आखिर_सोशल_मीडिया_पर_इतनी_जल्दबाजी_क्यों_? आज कल सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड चल रहा है, जैसे कोई बड़ा आदमी अस्वस्थ हुआ तो पता चला कि फेसबुक पर पोस्ट डल गई भगवान आपकी आत्मा को शांति दे.... किसी बड़े आदमी का भले ही जन्मदिन न हो लेकिन बर्थडे मुबारक हो... किसी बड़े नेता या सेलिब्रेट ने थोड़ा सा कुछ कर दिया जो आम लोग रोज करते हैं, तो लोगों को वह चोकाने वाली बात बन जाती है औऱ तुरन्त सोशल मीडिया पर पोस्ट हो जाती है। यार कुछ तो अपने सिद्धांत बनाओ कुछ अपना भी वजूद रखो। मानता हूं कि यह समय सिर्फ दिखावे पन चल रहा है लेकिन किसी भी पोस्ट डालने से पहले एक बार जांच तो लो। आप थोड़ी किसी न्यूज चैनल की तरह trp बढ़ाना चाहते हो जो सबसे पहले ब्रेकिंग और big न्यूज बना दो। मत भूलो कि आपकी विश्वसनीयता ही आपकी पहचान होती है। ऐसे कई उदाहरण हैं जब अटल जी का देहांत हुआ तो 4 घण्टे पहले से पोस्ट डलना शुरूं हो गई थीं, सुषमा स्वराज के निधन पर भी ऐसा ही हुआ और अब स्वर कोकिला लता मंगेशकर की फैक खबरें आने लगीं भगवान आत्मा को शांति दे। मुझे तो ये समझ मे नई आता जैसे यमराज इन लोगों से संधी किए हो कि किसी बड़े सेलिब्रेट को हम लेने आएंगे तो उससे पहले तुम्हे बता दिया जाएगा और तुम fb पर पोस्ट कर देना। बेचारे उस इंसान को यदि दो दिन बाद भी मरना होगा तो वह उसी दिन मर जायेगा जब आपकी पोस्टे देखेगा कि भगवान आत्मा को शांति, तो वह खुद कहेगा है भगवान अब मुझे ले चलो। यार मेरा कहने का मतलब बस इतना है कि इतना उतावला पन ठीक नहीं रहता जितना जल्दबाजी में कर देते हैं। जीते जी इंसान को मार देते हैं। - #चन्द्रभान_सिंह_लोधी

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कोई बोल रहा है ?

चारों तरफ शोर शराबा है, राम नाम का नारा गूंज रहा है। मेरे गांव की बिजली गोल है, अब कोई नहीं बोल रहा है। चारों तरफ यात्राएं हो रही हैं, नेता जी के नारे लगाए जा रहे हैं। मेरे गांव में पानी का अकाल पड़ गया, अब न कोई आवाज उठा रहा है। चारों तरफ कन्याएं भोज हो रहीं, लोग धर्म समझकर लाभ उठा रहे हैं। मेरे गांव में किसानों की फसलें जल गईं, अब न कोई मुआवजा दिलवा रहा है। गायों पर खूब राजनीति हो रही है, हिन्दू-मुसलमान में लड़वा रहे हैं। भूख-प्यास से मवेशी रोज मर रहे हैं, अब ना कोई दल आगे आ रहा है। आज फलाने नेता जी से मुलाकात हुई, ऐसीं फेसबुक पर पोस्ट हो रहीं हैं, मेरे क्षेत्र में गरीबों की हजार समस्याएं हैं, अब इनकी मांग ना कोई कर रहा है। "चन्द्रभान" दर्द बहुत है लोगों का, मगर अब ना कोई लिख रहा है। मेरे गांव के समस्याओं से प्यासे मर रहे, अब ना कोई राहत का पानी पिला रहा है।                    - चन्द्रभान सिंह लोधी

वो मेरी मां है

वो मेरी मां है जब मैं भूखा रहता हूँ, वो अपने हाथों से खिलाती है। मैं रूठना भी चाहूं तो... वो हर हाल में मना लेती है। जब मैं नहीं सुनता उसकी बातें तो गाली देकर अपना काम करवा लेती है वो कोई औऱ नहीं मेरी मां है... जब पापा मुझे डांटते हैं तो... आँखे उसकी नम हो जाती हैं  जब पापा मुझे पैसे नहीं देते तो...  वो लड़कर पैसे दिलवा देती है। वो मुझसे नाराज कभी नहीं होती... बस शिकायतें हमेशा रहती हैं। वो कोई और नहीं मेरी मां है। ज्यादा बात तो नहीं कर पाता... मगर याद बहुत करता हूं। कुछ जानबूझकर बात नहीं करता, कुछ सोचकर बात नहीं करता... आँख से ना निकलें आंसू उसके, यही सोचकर मैं बात नहीं करता। मुझे पता रहता है कि...  फोन कटने पर रो देगी वो क्योंकि वो कोई और नहीं... मेरी प्यारी मां है...                    - चन्द्रभान_सिंह_लोधी मदर्स डे की हार्दिक शुभकामनाएं...💐💐💐

आखिर ये कैसा प्रदर्शन है?